Unnao news :- फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के ग्राम दबौली में जमीन और मकान को लेकर चल रहा विवाद अब परिवार की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जमीन और निर्माण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और इस संबंध में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
पीड़ित विनोद कुमार पुत्र छोटेलाल का कहना है कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसके अनुसार वर्ष 2013 में बाढ़ राहत कोष से आवास निर्माण के लिए सहायता मिलने के बाद उसने अपनी भूमि पर मकान बनाया था। परिवार का आरोप है कि मकान के आसपास की भूमि, निर्माण, रास्ते और पानी के निकास को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा है।
पहले जमीन और निर्माण का विवाद, फिर मारपीट के आरोप
परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए कई प्रार्थना-पत्रों में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा उनकी भूमि पर निर्माण/कब्जे का प्रयास किया गया और मकान के आसपास रास्ते तथा पानी के निकास को लेकर परेशानी पैदा की गई।
शिकायतों के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई लोग लाठी-डंडे लेकर घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान विनोद कुमार सहित परिवार के अन्य सदस्यों को चोटें आईं।
घटना के बाद विनोद कुमार को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध दस्तावेजों में GSVM मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल, कानपुर का 18 जुलाई 2026 का आउट-पेशेंट रिकॉर्ड भी शामिल है।
मेडिकल दस्तावेज में डॉक्टर द्वारा जांच एवं उपचार से संबंधित विवरण दर्ज है। हालांकि घटना में किसकी क्या भूमिका रही, इसकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है।
कई बार अधिकारियों से लगाई गुहार
परिवार का कहना है कि विवाद बढ़ने से पहले और घटना के बाद भी उसने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र दिए। शिकायतों में कथित अवैध निर्माण रोकने, जमीन की जांच कराने, रास्ता एवं पानी के निकास की समस्या दूर कराने तथा परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई।
कुछ प्रार्थना-पत्रों पर अधिकारियों के स्तर से प्राप्ति/टिप्पणी भी दिखाई दे रही है।
यही वजह है कि अब परिवार का सबसे बड़ा सवाल है—अगर शिकायतें लगातार दी जा रही थीं तो विवाद को समय रहते खत्म क्यों नहीं कराया गया?
अब किशोरी के लापता होने से बढ़ी चिंता
मामले में नया और बेहद गंभीर मोड़ 11 अगस्त 2026 को आया। परिवार के अनुसार उनकी किशोरी शिवानी सुबह करीब 11 बजे घर से लापता हो गई।
परिजनों द्वारा साझा की गई सूचना के मुताबिक किशोरी की उम्र लगभग 16-17 वर्ष बताई जा रही है। परिवार ने पुलिस को दी सूचना में उसके जल्द पता लगाए जाने की गुहार लगाई है।
परिवार ने एक व्यक्ति पर संदेह भी जताया है। हालांकि किसी व्यक्ति की भूमिका या किशोरी के लापता होने के कारण की पुष्टि अभी जांच के बिना नहीं की जा सकती।
परिजनों का कहना है कि पहले से चल रहे विवाद और धमकियों के कारण वे पहले ही भयभीत थे। ऐसे में किशोरी के अचानक लापता होने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
Unnao news :- प्रशासन के सामने अब कई बड़े सवाल
मामले में उपलब्ध शिकायतों और दस्तावेजों को देखते हुए प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
क्या 15 जुलाई की कथित मारपीट की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया?
क्या पीड़ित के मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई हुई?
जमीन और कथित निर्माण विवाद की राजस्व स्तर पर जांच कराई गई या नहीं?
परिवार द्वारा सुरक्षा मांगे जाने के बाद क्या सुरक्षा उपलब्ध कराई गई?
और सबसे अहम—
11 अगस्त से लापता किशोरी की तलाश में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
परिवार की मांग है कि किशोरी को जल्द से जल्द बरामद किया जाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
Unnao news :- परिवार बोला—हमें न्याय और सुरक्षा दोनों चाहिए
पीड़ित परिवार का कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। परिवार चाहता है कि जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच हो, कथित मारपीट और धमकियों की जांच की जाए तथा परिवार के सदस्यों को सुरक्षा दी जाए।
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Unnao News का सवाल सीधा है—यदि किसी परिवार की ओर से बार-बार शिकायतें सामने आ रही हों और बाद में मामला मारपीट से लेकर किशोरी के लापता होने तक पहुंच जाए, तो क्या संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय नहीं होनी चाहिए?
अब देखना होगा कि फतेहपुर चौरासी पुलिस और उन्नाव प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और लापता किशोरी को कब तक बरामद किया जाता है।