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Unnao Job Fraud Case: नौकरी दिलाने के नाम पर ₹2.52 लाख की ठगी का आरोप, पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की लगाई गुहार

Unnao Job Fraud Case :- उन्नाव जिले के तारगांव निवासी काव्या द्विवेदी ने नौकरी दिलाने के नाम पर ₹2,52,500 की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि गांव के ही पिंटू मिश्रा और लखनऊ निवासी सुनील कुमार वर्मा ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे Google Pay के माध्यम से ₹2,52,500 लिए। बाद में केवल ₹80,000 वापस किए गए, जबकि शेष राशि अब तक नहीं लौटाई गई।

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Unnao Job Fraud Case: नौकरी दिलाने के नाम पर ₹2.52 लाख की ठगी का आरोप, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

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उन्नाव: जिले के तारगांव निवासी काव्या द्विवेदी ने नौकरी दिलाने के नाम पर ₹2,52,500 की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित काव्या द्विवेदी का आरोप है कि गांव के ही पिंटू मिश्रा तथा लखनऊ निवासी सुनील कुमार वर्मा ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे Google Pay के माध्यम से कुल ₹2,52,500 लिए। बाद में केवल ₹80,000 वापस किए गए, जबकि शेष राशि अब तक नहीं लौटाई गई।

चेक हुए बाउंस, फर्जी दस्तावेज देने का आरोप

पीड़ित के अनुसार आरोपियों द्वारा दिए गए दो चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। उनका कहना है कि उनके पास Google Pay की रसीदें, बैंक चेक, कॉल रिकॉर्डिंग तथा अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। साथ ही आरोप है कि कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) और ईमेल भी दिए गए थे।

एक साल से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर

काव्या द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने पुलिस चौकी, संबंधित थाना, पुलिस अधीक्षक (SP), जिलाधिकारी (DM) तथा IGRS (जनसुनवाई) पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने IGRS शिकायत के निस्तारण पर भी सवाल उठाए हैं।

धमकी देने का भी आरोप

पीड़ित का आरोप है कि शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और कथित तौर पर यह भी कहा गया कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। अब उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और बकाया राशि वापस दिलाने की मांग की है।

 

पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए दो चेक भी दिए थे, लेकिन बैंक में लगाने पर दोनों चेक बाउंस हो गए। काव्या द्विवेदी का कहना है कि उनके पास Google Pay से किए गए भुगतान की रसीदें, चेक, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनके आरोपों का आधार हैं।

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पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) और ईमेल भी उपलब्ध कराए गए थे, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि नौकरी मिल जाएगी। बाद में जब मामला संदिग्ध लगा तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की।

काव्या द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने पुलिस चौकी, संबंधित थाना, पुलिस अधीक्षक (SP), जिलाधिकारी (DM) तथा IGRS (जनसुनवाई) पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने IGRS शिकायत के निस्तारण पर भी सवाल उठाए हैं।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। अब उन्होंने मीडिया के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा शेष राशि वापस दिलाने की मांग की है।

नोट: यह समाचार पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। आरोपित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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